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    <title>ePaper Media &amp; Bhanwar Singh Rao</title>
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    <description>ePaper Media &amp; Bhanwar Singh Rao</description>
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        <title>सिंघानिया विधि के महाविद्यालय के विधार्थियो ने सेंट्रल जेल की कार्यप्रणाली समझी</title>
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        <description><![CDATA[ प्रेस विज्ञप्ति
उदयपुर। सिंघानिया विधि के महाविद्यालय के विधार्थियो ने सेंट्रल जेल की कार्यप्रणाली समझी
दिनांक 04/11/2023 शनिवार को सिंघानिया विधि महाविद्यालय के विधार्थियो द्वारा उदयपुर स्थित सेंट्रल जेल की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की गई। उदयपुर के सेंट्रल जेल के अधीक्षक श्री राजेन्द्र जी बैरवा ओर जेलर ओंकार लाल जोशी जी एवं हेमंत सालवी जी द्वारा छात्रों को अनुमति देने के लिए संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ अशोक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। कारागृह अधीक्षक ने सर्वप्रथम विधार्थियो को जेल से सम्बंधित सामान्य जानकारी साझा की तथा विधार्थियो के जेल से सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दिये। तथा जेल से जुड़ी आम मिथ्या जानकारी को दुरस्त किया जिसमे मुख्यतः सजा की अवधि की गणना, सश्रम कारावास की दशा में करवाये जाने वाले कामो का विवरण, खुला बन्दी जेल शिविर योजना, पेरोल, सजा की माफी, आजीवन कारावास की अवधि की गणना, एकांत कारावास, विचाराधीन कैदी, आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। जेल विजिट के दौरान जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदियो द्वारा किये जाने वाले कामो पर कैदियों को पारिश्रमिक भी मिलता है।
उसी पारिश्रमिक से कैदियों को स्वयं के लिए वर्दी, टोपी आदि जरूरत के सामान को खरीदना होता है। वर्तमान के जेल अधीक्षक महोदय के अथक प्रयास से क्षेत्र विशेष में प्रतिभाशाली कैदियों की मदद से जेल के रंग रोगन के साथ जेल की दीवारों पर कलाकृतियां उकेरी गई। ये कृतियाँ काफी मनमोहक है, कैदियों के इस हुनर को देख कर संकाय सदस्यों के साथ विद्यार्थी भी आश्चर्यचकित रह गए। जेल अधीक्षक ने विद्यार्थीयो को जेल के मैनुअल की सामान्य जानकारी से अवगत करवाया। तथा बताया कि अब जेल एक कैदखाना नही रह गया है। अब जेल को एक चिकित्सालय के रूप के रूप में लिया जाता है तथा कैदी को एक सामाजिक बीमार व्यक्ति माना जाता है। जेल विजिट के दौरान बताया गया कि कैदियों को मिलने वाला भोजन की मात्रा ओर भोजन का मेन्यू पहले से निर्धारित कीया हुआ होता है। तथा कैदियों के भोजन का समय भी निर्धारित होता है। केदियो के स्वस्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाता है। तथा समय समय पर चिकित्सा द्वारा कैदियों का स्वस्थ्य का परीक्षण किया जाता। जेल में महिला कैदियों के लिए पर्याप्त पृथक व्यवस्था की गई तथा स्त्री गरिमा का पूरा ध्यान रखने का प्रबंध किया गया है। अंत में संस्था के प्राचार्य डर भूपेंद्र कुमावत ने जेल अधिक्षक तथा सभी का आभार प्रकट किया तथा जेल भृमण को लेकर विद्यार्थीयो में हर्ष का माहौल तथा जेल अधीक्षक द्वारा प्राप्त जानकारी से काफी लाभान्वित हुए। इस विजिट के दौरान संस्था के डॉ मनीष श्रीमाली, डॉ  धीरज कल्ला, मीतू राही, शिखा मोड़, अनुज भटनागर, गुंजन जैन, अंकित अचपल, आदि संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
न्यूज़ रिपोर्ट :- 
भँवर सिंह राव ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 06 Nov 2023 17:26:29 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bhanwar Singh Rao</dc:creator>
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        <title>समंद पूजन पुरातन काल की जल संरक्षण की एक परम्परा</title>
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        <description><![CDATA[ जय चारभुजा री. समंद पूजन पुरातन काल की जल संरक्षण की एक परम्परा हैँ, इसकी रस्म क्रम में वर्षा ऋतू के पहले वैशाख माह में जनानाओ द्वारा गांव का पाणी गांव में रखने हेतु पाळ बाँधी जाति हैँ, यह परम्परा उसी का एक रूप हैँ जिसे आजकल सरकारे गांव का पाणी गांव में के तहत तलाब और एनीकट बनवाती हैँ जिसे पहले&quot; हिम(सीमा )का पाणी हिमाड़े&quot; में कहा जाता था,आजकल वर्षा के बाद समंद भरने पर समाजिक सिरदारो की उपस्थिति में स्नेह भोज का आयोजन रखा जाता हैँ,इसमें गांव की सभी बहुओ को अपने जीवन में  ईस क्रम से गुजरने का रीवाज हैँ,इसी क्रम में महुड़ा और मरतडी में दशकों बाद ये आयोजन हुआ, ईस इतिहासिक आयोजन के गवाह हज़ारो की संख्या में समाजिक सिरदार बने, यह आयोजन मेवाड़ चौरासी और प्रदेश के सबसे बड़े आयोजन मेसे एक माने गए हैँ... ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 18:36:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bhanwar Singh Rao</dc:creator>
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