सीकर में मजदूर की मौत, एसपी ऑफिस का घेराव किया
सीकर विनोद वर्मा। /पब्लिक में आक्रोश मजदूर कि मौत पर एक सांसद बोले- घटना को 48 घंटे हो गए, किसी ने सुध नहीं ली; प्रदर्शन जारी रहेगा सीकर के फतेहपुर रोड पर निर्माणाधीन बिल्डिंग में शटरिंग का काम कर रहे 32 साल के मजदूर इरफान अली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के मामले में परिजनों, ग्रामीणों, छात्र संगठन एसएफआई व राजनीतिक दलों ने सीकर एसपी ऑफिस का घेराव किया। लोगों ने एसके हॉस्पिटल से एसपी ऑफिस तक नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली और बहुत आक्रोश दिखाया पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का धरना एसके हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी के बाहर जारी है। परिजन आरोपी ठेकेदार पर कार्रवाई व मुआवजे की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार शव को हॉस्पिटल छोड़कर फरार हो गए। पुलिस और प्रशासन अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है।घटना के दूसरे दिन भी परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। सीकर उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल, एसएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष जाखड़, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका सहित सैकडों की संख्या में लोग मॉर्च्यूरी के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। आज धरनास्थल पर फतेहपर विधायक हाकम अली खान, पूर्व नगर परिषद सभापति जीवन खान सहित अनेक लोग पहुंचे। सांसद अमराराम ने कहा- अब 48 घंटे बाद प्रशासन थोड़ा सा चेता है। लेकिन जब तक पुलिस आरोपियों को अरेस्ट कर मजदूर की मौत के कारणों का खुलासा नहीं करती तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, विधायक हाकम अली खान ने कहा-यह घटना बहुत ही निंदनीय है। इरफान की कमी तो पूरी नहीं हो सकती, लेकिन हम परिवार को उचित मुआवजा व न्याय दिलाकर रहेंगे।जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा तब तक अनिश्चित काल का धरना जारी रहेगा उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल ने कहा-जब तक इरफान की मौत के कारणों का पता नहीं चलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और इरफान के परिवार को न्याय नहीं मिलता हम उनके साथ खड़े हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा- इरफान को न्याय दिलाने के लिए समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों लोग सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे। बता दें कि लक्ष्मणगढ़ निवासी मृतक इरफान अली (32) फतेहपुर रोड पर केजीएन हॉस्पिटल के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में शटरिंग का काम कर रहा था।मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ठेकेदारों ने इरफान के शव को एसके हॉस्पिटल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। मृतक के छोटे भाई जावेद (28) ने बताया कि जब वे हॉस्पिटल पहुंचे तो ठेकेदार मौके से फरार हो चुके थे। जावेद ने कहा- मेरे भाई की हत्या हुई है या करंट से मौत हुई, यह जांच के बिना स्पष्ट नहीं हो सकता। ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध है, लेकिन पुलिस और प्रशासन खामोश है। इसमें आक्रोश रैली में लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाई बताई जो अभी तक कारवाई में किसी को गिरफ्तारी नहीं हुई पब्लिक का कहना है कि परिवार की इंसाफ नहीं मिला तो ओर लोग भी रोड पर आके आंदोलन करेगी
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