ज्ञानवापी में ASI सर्वे रोका, टीम ने दीवारों की स्कैनिंग की
वाराणसी। इलाहाबाद हाईकोर्ट से इजाजत मिलने के बाद वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने गुरुवार सुबह 8 बजे से सर्वे शुरू किया। 4 घंटे बाद यानी 12 बजे नमाज के लिए सर्वे को रोक दिया। अब दोपहर 2.30 बजे से फिर सर्वे शुरू होगा। इस बार ASI टीम में 61 सदस्य हैं। यानी पिछली बार की तुलना में 40 सदस्य ज्यादा। ज्ञानवापी परिसर को 4 ब्लॉक में बांटा गया है। चारों तरफ कैमरे लगाए हैं। वीडियोग्राफी की जा रही है। ज्ञानवापी की पश्चिम दीवार पर सबसे ज्यादा फोकस है। दीवार की बारीक स्कैनिंग की जा रही है। कलाकृतियों को देखा जा रहा है। ASI के साथ हिंदू पक्ष अंदर है। लेकिन मुस्लिम पक्ष ने सर्वे में शामिल होने से इनकार कर दिया है।। मुस्लिम पक्ष ज्ञानवापी नहीं पहुंचा। जुमा की नमाज को देखते हुए प्रदेश में हाईअलर्ट है। ज्ञानवापी के आसपास भारी संख्या में फोर्स तैनात है। वाराणसी की स्थानीय कोर्ट ने ASI को सर्वे करके 4 अगस्त को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। लेकिन, मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट पहुंच गया। ASI सर्वे नहीं कर पाया। ऐसे में हलफनामा दायर करके कोर्ट में और वक्त मांगा गया है।। गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ASI को ज्ञानवापी के वैज्ञानिक सर्वे की अनुमति दी थी। जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा, 'न्यायहित में सर्वे जरूरी है। मुझे इस तर्क में कोई दम नहीं दिखता कि बिना दीवार खोदे ASI नतीजे पर नहीं पहुंच सकता।' कोर्ट ने सर्वे रोकने की अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी। इस बीच, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शुक्रवार को सुनवाई 3 बजे तक होने की संभावना है।
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